हैपिएस्ट माइंड्स IPO: ऐसे चेक करें शेयरों का अलॉटमेंट, जानिए कौन हैं आईटी दिग्गज अशोक सूता


इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (सूचना प्रौद्योगिकी) सेवा प्रदाता कंपनी हैपिएस्ट माइंड्स टेक्नोलॉजीज के आईपीओ (Initial Public Offering) में निवेशकों ने जबरदस्त प्रतिक्रिया दिखाई है। यह इश्यू 7 से 9 सितंबर तक खुला था। इस इश्यू को 151 गुना तक सब्सक्राइब किया गया। स्टॉक एक्सचेंज से मिले आंकड़ों के मुताबिक, इस इश्यू के लिए रिटेल निवेशकों की श्रेणी को 70.94 गुना, योग्य संस्थागत खरीदारों की श्रेणी को 77.43 गुना, गैर-संस्थागत निवेशकों की श्रेणी को 351.46 गुना तक का सब्सक्रिप्शन मिला।

इस इश्यू के लिए कंपनी ने प्रति शेयर 165-166 रुपए का प्राइस बैंड रखा था। कंपनी आईपीओ में 110 करोड़ रुपए के फ्रेश शेयर और 3.56 करोड़ रुपए के शेयर ऑफर फॉर सेल के तहत जारी करेगी। विश्लेषकों के अनुसार, हैपिएस्ट माइंड्स के शेयर 17 सितंबर को शेयर बाजार पर लिस्ट होंगे। कंपनी के प्रमोटर अशोक सूता ने पिछले सप्ताह एंकर निवेशकों से 316 करोड़ रुपए जुटाए थे। बता दें कि जब एक कंपनी अपने सामान्य स्टॉक या शेयर पहली बार जनता के लिए जारी करती है तो उसे आईपीओ (Initial Public Offering) अथवा सार्वजनिक प्रस्ताव कहा जाता है।

जिन निवेशकों ने इस इश्यू के लिए आवेदन किया है, वे बीएसई की वेबसाइट के जरिए अपने आवंटन की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसकी प्रक्रिया काफी सरल है। सबसे पहले इश्यू में इक्विटी का चयन करें। इसके बाद हैपिस्ट माइंड्स टेक्नोलॉजीज सेलेक्ट करें। ब्रोकर से मिले एप्लीकेशन नंबर और अपना पैन दर्ज करें फिर सर्च के बटन पर क्लिक करें। इसके बाद आपको आपके आईपीओ के आवंटन संबंधित सभी जानकारी मिल जाएगी।

आईटी सर्विसेज इंडस्ट्री के दिग्गज हैं अशोक सूता: अशोका सूता भारतीय आईटी सर्विसेज इंडस्ट्री के दिग्गज हैं। वह तीन बड़ी आउटसोर्सिंग कंपनियों के प्रमुख की भूमिका निभा चुके हैं। इनमें से एक है विप्रो लिमिटेड। वहीं दो पब्लिक लिमिटेड कंपनियां हैं। अशोक सूता इससे पहले मिडकैप आईटी कंपनी माइंडट्री के संस्थापक चेयरमैन और प्रबंधक निदेशक रह चुके हैं। उनकी स्टार्टअप कंपनी हैपिएस्ट माइंड्स को इतना तगड़ा रेस्पॉन्स मिला है कि यह आईपीओ इस दशक का भारत का सबसे सफल आईपीओ बन गया है।

कहना गलत नहीं होगा कि अशोक सूता ने 77 साल की उम्र में फिर वही सफलता दोहराई है जो उन्होंने 13 साल पहले हासिल की थी। 2007 में उनकी कंपनी माइंडट्री (Mindtree) के आईपीओ को 103 गुना ज्यादा बोलियां मिली थीं। कोविड-19 (Covid-19) महामारी और लॉकडाउन के कारण उनके 76 फीसदी रेवेन्यू पर कोई असर नहीं पड़ा है। इसमें से आधे से ज्यादा रेवेन्यू एडटेक और हाई-टेक सेक्टरों से आता है।

हैपिएस्ट माइंड्स के 700 करोड़ रुपए के आईपीओ को 151 गुना बोलियां मिली हैं। इस आईपीओ में 351 करोड़ शेयरों के लिए बोली लगी, जबकि सिर्फ 2.33 करोड़ शेयर ऑफर किए गए थे। दरअसल, लोगों ने फाउंडर अशोक सूता की विश्वसनीयता पर दांव खेला है। निवेशकों को अशोक सूता पर भरोसा है। अशोक सूता का कहना है कि उनकी कंपनी का जोर डिजिटल सेवाओं पर है, जो उसे दूसरी आईटी कंपनियों से अलग बनाती है।

आईआईटी रुड़की से की थी इंजीनियरिंग: अशोक सूता ने आईआईटी-रुड़की से इंजीनियरिंग की थी। वह श्रीराम रेफ्रिजरेशन इंडस्ट्रीज में काम कर रहे थे। अजीम प्रेमजी ने 1985 में उन्हें अपनी आईटी कंपनी विप्रो को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। इसके बाद वह अगले 14 साल तक विप्रो का चेहरा बने रहे। वह कंपनी में वाइस चेयरमैन के पद तक पहुंचे। उन्होंने 1999 में 10 अन्य लोगों के साथ मिलकर माइंडट्री की स्थापना की। साल 2007 में कंपनी का आईपीओ सफल रहा। हालांकि, इसके बाद कंपनी के संस्थापकों में मतभेद उभरने लगे, इसलिए अशोक सूता ने खुद को माइंडट्री से अलग कर लिया। उन्होंने अपने सारे शेयर बेच दिए। उन्होंने 2011 में 68 साल की उम्र में हैपिएस्ट माइंड्स की स्थापना की।

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