कौन हे इल्मा अफ़रोज़?

ज्यादातर भारतीय अभिभाबक के दिल मैं येह बात रहेता हे की उनके बचे आईएएस और आईपीएस बन जाए मगर IAS और ips बन ना इतना सरल नहीं हे । आज हम आप को एक ऐसे किसे के बारे मैं बाथ करेंगे जो की आप की नजरिया बदल देगी। आज हम बाथ करेंगे Ilma Afroz के बारे मैं।

उनका जन्म मुरादाबाद के कुंदरकी कस्बे में हुआ था। उनके पिताजी का देहांत उस वक्त हो गया था जब वो सिर्फ 14 साल की थी । Ilma बचपन से ही एक मेधावी छात्रि थे। उनकी अम्मी ने उन्हें कड़ी मेहनत का मूल्य सिखाया है। उनके भाई ने दहेज के लिए पैसा नहीं बचाया उनके पढाई मैं सब खर्च कर दिया। उनकी अम्मी और भाई ने उन्हें पढ़ा ने के लिए कई बलिदान दि।

ilma-afroz-ips
Ilma Afroz

सबको गलत साबित करते हुए वह अपना पढाई दिल्ली और लंदन में भी की । इसलिए कहा जाता हे होंसलें बुलंद हों तो समंदर में भी आप का राह बन जाती है। वह गाँधी जी से बहुत ज्यादा प्रभाभित हुई थी । महात्मा गाँधी जी कहते थे की ‘हर आंख से हर आंसू पोंछो ‘, यह महसूस करते हुए कि राष्ट्र को मेरी शिक्षा का लाभ मिलना चाहिए । Ilma Afroz गांधी जी के सपने को पूरा करने के लिए अपना थोड़ा सा प्रयास करना चाहती थी ।

कैसे बनीं IPS?

एक किसान की लड़की जिसके सपने थे भारत मैं एक बदलाब लाना ,कुछ अनोखा करना यही बजाह थी की मुरादाबाद से 12वीं की पढाई पूरी करने के बात दिल्ली आ गयी। उन्हें औक्सफोर्ड ,लंदन जैसे बड़ी- बड़ी जगह से स्कालरशिप मिली और वो वहां पर पढ़ीं। उन्हें UN के साथ काम करने का अबसर मिला ,लेकिन इसपर वो दिल से खुस नहीं थे।

जब भी इल्मा छुट्टियों मैं घर को लोटती थी वो देखती थी की लोगों के आँखों मैं खुसी की आंसू है लोक सोचते थे की हमारी बेटी हमारा दुःख दूर कर देगी। फिर एक दिन वो अपने मुल्क हिंदुस्तान वापस लौटने का फैसला की।देशभक्ति उन्हें अपने देश बापेष वापस ले आई।

और यहां आकर वो सिविल सर्विस का तैयारी शुरू कर ली। 2017 मैं UPSC परीक्षा मैं 217वीं रैंक के साथ UPSC उत्तीर्ण किया। आज वो हिमचाल प्रदेश मैं ips अफसर हैं। यह IPS की स्टोरी न केवल महिला सशक्तिकरण के बारे में हे बल्कि यह भी सिखाता हे की आप को अपनी मुल्क को प्यार करना चाहिए। जब आप निष्ठा और संकलप के साथ काम करेंगे तो आप को सफलता जरूर मिलेगी।

उन्होंने गरीब बच्चों के पढाई के लिए एक संस्ता बनाई हुई हैं जिसका नाम HOPE हे।येह संस्ता निचले स्तर के बच्चों के लिए शिक्षा को बढ़ावा देता हे। वह thebetterindia के इंटरव्यू कहती हैं की “मैं युवा छात्रों को उनकी अपार संभावनाओं को पूरा करने में सक्षम बनाना चाहती हूं, शिक्षाविदों में उत्कृष्टता हासिल करना चाहती हूं और उम्मीद है कि एक दिन,वह राष्ट्र को वापस दे। मैं चाहती हूं कि सभी छात्रों को चमकने का अवसर मिले ।

देश को इस तरह की ips मिलना बहुत गर्ब की बात हे,जिसके लिए अपना वतन सबसे बड़ा हे। हम आपके साहस और विश्वास को नमन करते हैं।
आप को ये पोस्ट केसा लगा जरूर कमेंट करके हम्हे बतायें।

और मोटिवेशनल कहानी के लिए क्लिक करैं

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here